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ज़कात कैसे निकालें — आसान तरीक़ा

ज़कात आपकी उस दौलत का 2.5% है जो निसाब के बराबर या ज़्यादा हो और जिस पर एक क़मरी (इस्लामी) साल गुज़र गया हो। नीचे चार आसान क़दम और आज के रेट से एक मिसाल है।

चार क़दम

  1. सब जोड़ें जो ज़कात की तारीख़ पर आपके पास है: नक़द, बैंक बैलेंस, FD/RD, सोना-चाँदी, शेयर और म्यूचुअल फ़ंड, क्रिप्टो, कारोबार का माल, और वह पैसा जो आपको किसी से वापस मिलना है।
  2. क़र्ज़ घटाएँ — क्रेडिट कार्ड का बिल, उधार, और आने वाले साल की लोन EMI (पूरा होम लोन नहीं)।
  3. निसाब से मिलाएँ। आज चाँदी का निसाब ₹1,22,411 (612.36 ग्राम चाँदी) और सोने का निसाब ₹12,14,835 (87.48 ग्राम सोना) है।
  4. अगर कुल रक़म निसाब के बराबर या ज़्यादा है, तो पूरी रक़म का 2.5% ज़कात है — सिर्फ़ निसाब से ऊपर वाले हिस्से का नहीं।

आज के रेट से मिसाल

घर में नक़द₹40,000
बैंक बैलेंस₹2,60,000
30 ग्राम 22 कैरेट ज़ेवर × ₹12,730/ग्राम₹3,81,893
फ़िक्स्ड डिपॉज़िट₹1,00,000
घटाएँ: क्रेडिट कार्ड + इस साल की EMI−₹45,000
कुल ज़कात वाली दौलत₹7,36,893
निसाब (₹1,22,411) से ज़्यादा? हाँ → 2.5% ज़कात₹18,422

ज़कात कब फ़र्ज़ होती है?

जब आपकी दौलत एक क़मरी साल (लगभग 354 दिन) तक निसाब से ऊपर रहे — इसे हौल कहते हैं। आसान तरीक़ा: एक तारीख़ तय कर लें (बहुत लोग रमज़ान का कोई दिन चुनते हैं) और हर साल उस दिन जो कुछ आपके पास है उसका हिसाब करें।

क़ुरआन (9:103) में माल से ज़कात लेने का हुक्म है, और सुनन अबी दाऊद 1573 में 200 दिरहम (चाँदी) और 20 दीनार (सोना) पर ज़कात का ज़िक्र है।

और गाइड

अपनी सही ज़कात 2 मिनट में निकालें

Zakatify एक-एक सवाल पूछकर हिसाब करता है — कैरेट के हिसाब से सोना, बचत, निवेश, क़र्ज़ — आपके शहर के आज के रेट के साथ। मुफ़्त, निजी, भारत के लिए बना।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ज़कात कितने प्रतिशत होती है?

2.5% — यानी हर ₹1,00,000 पर ₹2,500, पूरी ज़कात वाली दौलत पर जब वह निसाब के बराबर या ज़्यादा हो।

सोने का निसाब लें या चाँदी का?

दोनों सही राय हैं। चाँदी का निसाब (आज ₹1,22,411) कम है, इसलिए ज़्यादा लोग ज़कात देते हैं और ग़रीबों तक ज़्यादा पहुँचता है; बहुत से उलमा इसी की सलाह देते हैं। सोने का निसाब (आज ₹12,14,835) भी माना जाता है।

क्या होम लोन घटा सकते हैं?

आम राय यह है कि सिर्फ़ आने वाले साल की EMI घटाएँ, पूरा बचा हुआ लोन नहीं।