2 नवंबर 2026 को चाँदी के हिसाब से ₹1,22,411 या उससे ज़्यादा दौलत पर ज़कात फ़र्ज़ है — या सोने के हिसाब से ₹12,14,835। यह पेज रोज़ अपडेट होता है।
भारत के शहरों के रेट का मीडियन, 2 नवंबर 2026। आपके शहर का रेट थोड़ा अलग हो सकता है — शहर के हिसाब से निसाब देखें।
निसाब दौलत की वह कम से कम मिक़दार है जिस पर ज़कात फ़र्ज़ होती है। अगर आपकी कुल ज़कात वाली दौलत इससे कम है, तो इस साल आप पर ज़कात नहीं है।
नबी ﷺ ने इसे दो तरह से मुक़र्रर किया: 87.48 ग्राम सोना (20 दीनार) या 612.36 ग्राम चाँदी (200 दिरहम)। चाँदी सस्ती है, इसलिए चाँदी का निसाब काफ़ी कम आता है।
ज़कात कैसे निकालें — आसान तरीक़ा · सोने पर ज़कात — ज़ेवर, सिक्के और बिस्किट · ज़कात किस पर फ़र्ज़ है, और कितनी देनी होती है?
Zakatify एक-एक सवाल पूछकर हिसाब करता है — कैरेट के हिसाब से सोना, बचत, निवेश, क़र्ज़ — आपके शहर के आज के रेट के साथ। मुफ़्त, निजी, भारत के लिए बना।
मेरी ज़कात निकालें — मुफ़्तचाँदी के हिसाब से ₹1,22,411 (612.36 ग्राम × ₹199.90/ग्राम) या सोने के हिसाब से ₹12,14,835 (87.48 ग्राम × ₹13,887/ग्राम), 2 नवंबर 2026 के रेट पर।
दोनों सही हैं। चाँदी का निसाब कम है, इसलिए ज़्यादा लोग ज़कात देते हैं और ग़रीबों तक ज़्यादा पहुँचता है — बहुत से उलमा इसी की सलाह देते हैं। सोने का निसाब भी माना जाता है।
हर रोज़, सोना-चाँदी के दाम के साथ। अपनी ज़कात की तारीख़ वाले दिन का रेट लें।